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सावन में शिवलिंग पर ये 5 चीज चढ़ाये , भोलेनाथ दूर करेंगे हर संकट

सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दौरान उनकी पूजा का विशेष महत्व है। सावन में सोमवार के व्रत और शिव पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यहाँ सावन में पूजा करने की विधि विस्तार से दी गई है:

सावन सोमवार के उपाय: सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए सर्वथा सबसे उत्तम महीना मन जाता है। शिव पुराण में भी बताया गया है कि सावन के सोमवार को सच्ची आस्था से किया गया व्रत और सबसे शुभ और उत्तम फल देता है। सावन सोमवार को सबसे पहले शिवलिंग पर क्या अर्पित करना चाहिए वो हम आपको बता रहे हैं। भगवान शिव को 5 चीज सबसे प्रिय है। जिनको सावन के सोमवार को शिवलिंग पर चढ़ाने से भगवान शिव आपकी हर मनोकामना पूरी करते हैं और हर संकट से बचते हैं।

सावन का पहला सोमवार शिवभक्तो के लिए अत्यंत शुभ और फलदायी होता है। इस दिन यदि कोई भक्त विशेष श्रद्धा और नियमपूर्व कुछ पवित्र चीज शिवलिंग पर चढ़ा दे तो भोलेनाथ के शिखर से प्रसन्न हो कर जीवन के सभी दुख, कष्ट और दोष का नाश कर देते हैं। भगवान शिव जल्दी ही प्रसन्न हो कर भक्तों की हर प्रार्थना को सुनते हैं और उन्हें अभय, आरोग्य, समृद्धि और मोक्ष का आशीर्वाद भी देते हैं।

ये 5 चीजें जिनको अर्पित करने से आपको विशेष फल की प्राप्ति होती है वो नीचे हम आपको बता रहे हैं।

गंगाजल: गंगाजल को पवित्रता का प्रतीक मन जाता है। मान्यता है कि गंगा माता स्वयं शिव जी की जटाओं से निकली है। इसलिए गंगाजल शिव जी को बहुत प्रिय है। गंगाजल से अभिषेक करने से भक्त के पापो का क्षय होता है, उसके जीवन में पवित्रता आती है, मानसिक शांति और साकारात्मक ऊर्जा का भी संचार होता है। इसे आत्मसुधि का अच्छा उपाय मन जाता है। इसलिए सावन के सोमवार को गंगाजल जरूर चढ़ाएं।

बेलपत्र: गंगाजल के बाद बेलपत्र का महत्व होता है। बेलपत्र को भक्ति और समर्पण का प्रतीक मन जाता है। (त्रिपत्रिया) तीन पतियों वाला बेलपत्र त्रिगुण, त्रिलोक और त्रिनेत्र का प्रतीक है। अगर बेलपत्र पे चंदन से ओम नम: शिवाय लिखा हो तो और भी अच्छा होता है। बिलपत्र साफ और काटा-फटा नहीं होना चाहिए। ऐसा बेलपत्र चढ़ाने से सौ गुना फल मिलता है। बेलपत्र चढ़ाने से शिव जी जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्त की सभी इच्छाएं भी पूरी होती हैं। यह स्वास्थ्य, सौभाग्य और संतान सुख के लिए शुभ मन जाता है।

कच्चा दूध: कच्चा दूध भी शिवलिंग पर चढ़ना चाहिए। शुद्ध गाय का दूध अर्पित करना चाहिए। यह शीतलता और करुणा का प्रतीक है। दूध शिव जी की तामसी ऊर्जा शांत करती है। इसे जीवन में संतुलन आता है। याह क्रोध, तनाव और अशांति को दूर करता है। दूध चढ़ाने से शरीर और आत्मा दोनों शुद्ध होते हैं और मन शांत और स्थिर होता है। जो लोग बीमार हैं या मानसिक रूप से परेशान हैं उनके लिए ये उपाय बहुत फलदायक होता है।

भांग और धतूरा: भांग और धतूरा शिव जी की प्रिय वास्तु मानी जाती है। ये दोनों ही तमसिक प्रतीक हैं जिन्हें अर्पित करने से शिव की उग्र शक्ति शांत होती है और तांत्रिक दोष, भय, शत्रु बाधा, मानसिक व्याधि और नाकारात्मक शक्ति दूर होती है। जो लोग कालसर्प दोष, पितृ दोष या गृह बाधा से पीड़ित हैं उनके लिए विशेष रूप से धतूरा उपयोगी मन गया है।

शहद या मिसरी: शहद या मिसरी भी शिवलिंग पर चढ़ना शुभ होता है। ये मिठास और प्रेम का प्रतीक है। इसे चढ़ाने से जीवन में मधुरता आती है। रिस्तो में प्रेम बढ़ता है। संतान संबंधि समस्यायो के लिए भी यह बहुत अच्छा है। शिव जी को मीठा अर्पण करने से वाणी में मधुरता आती है, परिवार में प्रेम और एकता बनी रहती है। इससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है I

सभी चीज़ों को सावधानिपूर्वक चढ़ाना चाहिए और अर्पण करते समय शिव मंत्रो का जाप करते रहना चाहिए। सभी चीज़ों को शिवलिग पे चढ़ने से भगवान शिव की कृपा मिलती है। यह पूजा भक्तों के लिए बहुत फलदायक होती है।

सावन का महीना शिव भक्तों के लिए बहुत खास होता है। पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

सावन में  ध्यान रखने योग्य बातें:

  • सात्विकता: पूरे सावन मास में सात्विक जीवन शैली का पालन करें।
  • नकारात्मकता से बचें: क्रोध, झूठ, निंदा, और बुरे विचारों से दूर रहें।
  • ब्रह्मचर्य: व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • बाल और नाखून: सावन में बाल और नाखून काटने से बचें।
  • तुलसी और हल्दी: शिव पूजा में हल्दी और तुलसी का उपयोग नहीं किया जाता है।
  • दान: सावन में दान-पुण्य करना बहुत शुभ माना जाता है।

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हर हर महादेव

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