भाई दूज (Bhai Dooj) मुख्य रूप से भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है। इसे मनाने के पीछे की वजह पौराणिक कथा और बहन द्वारा भाई के सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना है।
इसे मनाने के मुख्य कारण और कथा इस प्रकार हैं:
भाई दूज मनाने का कारण
- भाई-बहन के प्रेम का उत्सव: यह त्योहार भाई और बहन के पवित्र रिश्ते को मजबूत बनाने और उनके स्नेह को व्यक्त करने का दिन है। बहनें अपने भाई की खुशहाली और लंबी आयु के लिए प्रार्थना करती हैं, और भाई अपनी बहन को उपहार देते हैं और उनकी रक्षा का वादा करते हैं।
- यम द्वितीया की पौराणिक कथा: इस त्योहार को यम द्वितीया भी कहते हैं, और इसका संबंध यमराज (मृत्यु के देवता) और उनकी बहन यमुना (नदी) से जुड़ा हुआ है।
यम और यमुना की कथा
पौराणिक कथा के अनुसार:
- सूर्य देव और उनकी पत्नी संज्ञा की संतान थे यमराज और यमुना।
- यमराज अपनी नगरी यमपुरी में रहने लगे और यमुना गोलोक में। काम की व्यस्तता के कारण यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने नहीं जा पाते थे।
- कई बार बुलाने पर, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को यमराज अपनी बहन यमुना के घर पहुँचे।
- भाई के आगमन से यमुना बहुत प्रसन्न हुईं। उन्होंने यमराज का आदर-सत्कार किया, उन्हें तिलक लगाया और प्रेम से भोजन कराया।
- बहन के इस आतिथ्य से यमराज बहुत खुश हुए और उन्होंने यमुना से वरदान माँगने को कहा।
- यमुना ने वरदान माँगा कि “हर वर्ष इसी दिन आप मेरे घर आकर भोजन करें, और जो भी भाई इस दिन अपनी बहन से टीका करवाकर भोजन करे, उसे अकाल मृत्यु का भय न रहे और उसका रिश्ता जन्मों-जन्मांतर तक मजबूत रहे।”
- यमराज ने ‘तथास्तु’ कहते हुए यमुना को यह वरदान दिया।
तभी से यह परंपरा चली आ रही है कि इस दिन बहनें अपने भाई का टीका करती हैं और उनके लिए मंगल कामना करती हैं। उसके भाई को अकाल मृत्यु का भय न रहे और उसका रिश्ता जन्मों-जन्मांतर तक मजबूत रहे।”
आप सबको भाई दूज की शुभ कामनाएं

