एक भक्त था
उन्होंने 20 साल तक लगतर भगवत गीता का पाठ किया।
अंत में भगवान ने उनकी परीक्षा लेनी चाही I भगवान परीक्षा लेने के लिए आये और कहा, अरे भक्त: तुम सोचते हो कि मैं तुम्हारे गीता पाठ से खुश हूं तो ये तेरा वहम है मैं तेरे पथ से बिल्कुल भी प्रसन्न नहीं हुआ
जैसे ही भक्त ने भगवान की ये बातें सुनी तो वो नाचने और झुमने लगा I
भगवान ने कहा- “अरे! मैंने कहा कि तुम्हारे पाठ से खुश नहीं हैं और तुम इस बात पर नाच रहे हो?
भक्त बोला- “भगवान! आप खुश हो या नहीं, ये बात मैं नहीं जानता। लेकिन मैं तो इसलिए खुश हूं कि आपने मेरा पाठ कम से कम सुना तो सही, इसलिए मैं नाच रहा हूं।”
अपने भक्त के इस बात पे भगवान भाव बिभोर हो गए और मुस्कुराने लगे
भक्ति का मतलब केवल पाना या भगवान को खुश करना नहीं होता, बस भक्ति भाव में खोये रहिए, वो जरूर सुनेंगे और आएंगे
जय श्री राधे राधे

