आखिर ज्यादा बुरा कौन था?
ये कहानी काफी पुरानी है I एक राजा हुआ करते थे और उनका राज काफी अच्छा था
एक दिन राजा को जब पता चला कि मेरे राज्य में एक ऐसा व्यक्ति है जिसका सुबह-सुबह मुंह देखने से दिन भर भोजन नहीं मिलता है।
राजा को विश्वास नहीं हुआ I सच जाने के लिए राजा ने एक रात उसके साथ सोने का विचार बनाया।
उसने अपने सैनिकों को भेज कर उस व्यक्ति को महल बुलाया और रात में अपने साथ सुलाया।
दूसरे दिन राजा सुबह उठे और सबसे पहले उसने उसी व्यक्ति को देखा।
उस दिन राजा पूरे दिन काम में इतना ज्यादा वयस्त रहा कि उसे शाम तक भोजन नसीब नहीं हुआ।
इस बात से क्रोधित हो कर राजा ने उस व्यक्ति को तत्काल फांसी का दंड देने का एलान कर दिया।
जब उस व्यक्ति को फैंसी देने से पहले उसकी आखिरी इच्छा पूछी गई, आख़िरी इच्छा के समय उसने राजा से कहा की, “राजन! मेरा मुँह देखने से आपको शाम तक भोजन नसीब नहीं हुआ, लेकिन आपका मुँह देखने से मुझे मौत की सजा मिलने वाली है।”
अब आप ही बताइये किसका मुख ज्यादा अपशगुन है I
इतना सुनते ही राजा काफी लज्जित हुआ और उसे एक संत की वाणी याद आ गई।
बुरा जो देखन मैं चला, बुरा ना मिलाया कोय।
जो दिल खोजा अपना, मुझसे बुरा ना कोय II
