केदारनाथ-की-उत्पत्ति-पांडवों-के-प्रायश्चित-कथा

केदारनाथ की उत्पत्ति: पांडवों के प्रायश्चित कथा

उत्तराखंड में हिमालय की खाड़ी में एक पवित्र शिव मंदिर है जो केदारनाथ के नाम से प्रसिद्ध है यह मंदिर पंच केदार में से एक है और साथ ही 12 ज्योतिर्लिंग में से भी एक है I केदारनाथ की महिमा आखिर कौन नहीं जानता  I ऐसा माना जाता है कि यहाँ स्थित शिवलिंग स्वयंभू शिवलिंग है और इस मंदिर की स्थापना पांडवों  के वांच ने करवाई थी I मंदिर के गर्भगृह में शिवलिंग स्थापित है जबकी मंदिर के बाहर नंदी वाहन के रूप में विराजमान है।

पौराणिक कथा के अनुसार, पांडवों ने महाभारत के युद्ध के बाद अपने पापों का प्रायश्चित करने के लिए भगवान शिव का ध्यान किया। महाभारत युद्ध के दौरान हुए गुरुहत्या और कुलहत्या के पाप से पांडव मुक्ति चाहते थे, लेकिन शिवजी इससे रुष्ट थे। जब पांडवों ने शिवजी से क्षमा मांगी, तो उन्होंने उन्हें दर्शन देने से इंकार कर दिया और एक बैल का रूप धारण कर हिमालय में छिप गए।

भगवान शिव बैल के रूप में छिपे थे , लेकिन छिपते समय भीम ने उन्हें पहचान लिया।  वो पांडवों की नज़र से बचने लगे और आगे आगे चलने लगे ताकि कोई उन्हें देख न पाए, भगवान शिव को छुपता हुआ देख पांडवो ने उनका पिछा किया और भगवान शिव को चारो तरफ से घेर लिया, ताकि वो सब शिव जी से एक बार बात करके छमा मांग सकें  ।

तब भगवान शिव वही  धरती में समाने लगे, भीम ने उनको पकड़ने की कोशिश की, तब बैल रूपी भगवान शिव जी का कूबड़ भीम के हाथ में आ गया I भगवान शिव को लग गया कि यह बहुत हठी है और बिना दर्शन दिए नहीं मानेंगे। तब भगवान ने स्वयं उन सबको दर्शन दिए और उनको सभी कष्ट और पाप से मुख होने का आशीर्वाद दिया।

इस घटना के बाद, शिवजी पांच अलग-अलग स्थानों पर प्रकट हुए, जिन्हें आज पंच केदार के नाम से जाना जाता है, जिसमें केदारनाथ में शिवलिंग के रूप में शिवजी की पूजा की जाती है।  मंदिर के गर्भगृह में भगवान शिव का पृष्ठ भाग (कूबड़) एक शिला के रूप में विराजमान है, जिसे स्वयंभू ज्योतिर्लिंग माना जाता है I शिव को समर्पित पांच पवित्र मंदिर हैं जो उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में स्थित हैं। इनके नाम है :

  • केदारनाथ: यह पंच केदार में से पहला मंदिर है और सबसे प्रसिद्ध है।
  • तुंगनाथ: यह पंच केदार में सबसे ऊंचा मंदिर है।
  • रुद्रनाथ: यह एक अन्य महत्वपूर्ण मंदिर है।
  • मद्महेश्वर (या मध्यमहेश्वर): यह मंदिर अपनी खूबसूरत घाटी के लिए जाना जाता है।
  • कल्पेश्वर: यह पंच केदार मंदिरों में से सबसे नीचे स्थित है। 

केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित है। ये मंदिर 12 ज्योतिर्लिंग में से एक है। केदारनाथ मंदिर हिमालय क्षेत्र में स्थित है, इसलिए ये मंदिर लगभग 6 महीने तक शीतकाल में बंद रहता है और ग्रीष्मकालीन सत्र में ये द्वार भक्तों के लिए खोल दिए जाते हैं। ये उत्तराखंड के चार धाम में से भी एक है।  उत्तराखंड के चार धामों के नाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ हैं। ये चारों ही पवित्र तीर्थस्थल हिमालय की ऊँचाई पर स्थित हैं और इन्हें ‘छोटा चार धाम‘ भी कहा जाता है ।

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हर हर महादेव

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